शनिवार, 14 जनवरी 2012

"शक्ति पुन्ज"

सर्ब विदित है - सुने, सुनाये तथ्य 'झूठ' हो सकते है , जो प्रत्यक्ष्य दृष्टीगत हो वह झूठ या मित्थ्या नहीं हो सकता क्योंकि वह 'सत्य' होता है. चूँकि 'सत्य' इश्वर का ही रूप है, इसलिए ब्रह्माण्ड में यदि कहीं "इश्वर" है तो वह है - साक्ष्यात 'शक्ति पुंज' "सूर्य".

युगों - युगों से, सर्वत्र, बिना भेदभाव के ऊर्जा प्रदान करने वाले, असीमित ऊर्जा के स्रोत "भगवान् सूर्य" दक्षिणायन पथ पूर्ण कर, मकर संक्रांति से उत्तरायण पथ को अभिमुख होते हैं और शने:- शने: बृद्धि को अग्रसर होते है.

दक्षिणायन और उत्तरायण के बीच का यह समय, 'मकर संक्रांति' पर्व के रूप में, पूरे भारत बर्ष में प्रतिवर्ष, विभिन्न त्यौहार स्वरूपों में - उत्तरायिनी (घुगुतियI), पोंगल, लोहड़ी आदि मनाया जाता है. उत्तराखंड के 'कुंमाऊं' में इस दिन प्रात: 'कौए' को बुला कर 'प्रथम भोज' देने की प्रथा है

प्राचीन ग्रंथों में इससे सम्बन्धित अनेक आलेख मिलते हैं. मकर संक्रांति को प्रात: स्नान, ‘सूर्य’ -पूजा अर्चना से मोक्ष्यदाई फल प्राप्त होते हैं, ऐसी मान्यताएं हैं. इस दिन, सम्पूर्ण भारत बर्ष में, नदियों के तट पर बसे शहरों के घाटों पर, स्नान कर, श्रद्धालु पुण्य कमाते हैं.

'मकर संक्रांति' की मंगल कामनाएं. आने वाले समय में सभी को 'शुभ फल' प्राप्त होवें.

16 टिप्‍पणियां:

  1. सही कहा आपने! सनातन धर्म की शुरुआत प्रकृति पूजन से ही हुई है. हमारे प्रथम वेद ऋग्वेद में प्रकृति की स्तुति करने वाले मंत्र हैं! आपको भी सपरिवार 'मकर संक्रांति' की मंगल कामनाएं!

    उत्तर देंहटाएं
  2. जानकारी वर्धक आलेख .....सनानत के जो मूल्य है हम उनकी महता पहचान पायें तो जीवन धन्य हो जाए ....!

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।संक्रान्ति की हार्दिक शुभकामनाएं...

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सही मौके पर उपयोगी जानकारी...!
    आभार !
    मेरे ब्लॉग पे आपका स्वागत है !

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय आलेख| मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं|

    उत्तर देंहटाएं
  6. MAKAR SANKRANTI PR BADHAI JOSHI JI SATH HI ES SUNDAR PRAVISHTI PR ABHAR.

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  8. शांति जी , सुस्वागतम एवं आभार.
    माया जी , सुस्वागतम - धन्यवाद. स्नेह दृष्टी बनाए रखें.

    उत्तर देंहटाएं
  9. ब्लॉग पर आगमन और समर्थन प्रदान करने के लिए बहुत- बहुत आभार, यह स्नेह सम्बन्ध अनवरत रहेगा,यही अपेक्षा है.

    सार्थक प्रस्तुति, आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  10. उत्तरायणी के बारे में अच्छी जानकारी के लिए शुक्रिया . मकर संक्रांति के इस पर्व में पूरे देश में अलग -अलग ढंग से सम्मिलित होते हैं .
    प्राची

    उत्तर देंहटाएं